मंगलवार, 6 जुलाई 2021

बुक लक्ष्य (Goals) ब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy) की पुस्तक की समीक्षा और सार हिंदी में


 बुक लक्ष्य (Goals) ब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy) की पुस्तक की समीक्षा और  सार हिंदी में

 पुस्तक समीक्षा (Book Review) : Goals

 हिंदी अनुवाद (Hindi Translation) : लक्ष्य (Lakshya)

 लेखक (Writer) : ब्रायन  ट्रेसी (Brian Tracy) 


लेखक के बारे में (About Author) : 

 ब्रायन  ट्रेसी (Brian Tracy)  दुनिया के सबसे बड़े परामर्शदाता,  प्रशिक्षक और वक्ता माने जाते हैं। हर साल ढाई लाख लोगों को संबोधित करते हैं और बिजनेस, लीडरशिप , प्लानिंग और सेल्स के बारे में सिखाते हैं। इन्होंने 35 से अधिक पुस्तके  लिखी है जिन को पढ़कर बहुत  सारे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।

 पुस्तक के बारे में (About Book) :

 यह पुस्तक हमारे  लक्ष्यों को मजबूत करके बहुत बड़ी सफलता दिलाने में बहुत बड़ी मदद कर सकती है। इस पुस्तक में 21 चैप्टर है जिनको हम 21 तरीके की शिक्षाएं मान सकते हैं ।

1. लक्ष्य और संभावनाएं :  

सफल लोग लक्ष्य बनाते हैं और उनको प्राप्त करते हैं लेकिन  लोगों को अपने लक्ष्यों के बारे में कोई पता नहीं होता है। अगर हम लक्ष्य बनाते हैं और उनको प्राप्त करते हैं तो हम भी सफल होते जाते हैं।

 जब हम लक्ष्य तय कर लेते हैं तो हमारे मस्तिष्क का दरवाजा खुल जाता है और मददगार विचार और ऊर्जा हमको हासिल होती है। लक्ष्य के बिना जिंदगी लहरों पर डूबती उतरती रहती है जबकि लक्ष्य होने पर हम तीर की तरह उड़ कर सीधे निशाने पर पहुंच जाते हैं। इसलिए हमारे लक्ष्य होना बहुत ज्यादा जरूरी है। जिससे जीवन में हमारा भटकाव नहीं होगा। स्पष्ट लक्ष्य होने पर हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है हमारी क्षमताओं का विकास होता है और हमारी प्रेरणा का स्तर ऊंचा होता है। जिससे हम बड़ी सफलता को प्राप्त करते हैं। कुछ लोगों के लक्ष्य नहीं होते हैं क्योंकि वह  लक्ष्य को महत्वपूर्ण नहीं मानते हैं, वह जानते ही नहीं कि लक्ष्य कैसे तय किए जाते हैं, वे असफलता से डरते है और उन्हें अस्वीकृति का डर होता है।

इसलिए हमारे जीवन में लक्ष्य बनाना बहुत अधिक महत्वपूर्ण है जिससे हम हमारे जीवन में बहुत अधिक तरक्की कर पाएंगे। जिन लोगों के लक्ष्य स्पष्ट नहीं होते हैं वह अपने जीवन में भटक जाते हैं जबकि जिन लोगों के पास में लिखित लक्ष्य होते हैं वह अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करते हैं।


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2. हमारे जीवन में जो भी घटित हो रहा है उसके लिए हम ही जिम्मेदार हैं।

हमें हमारी जिम्मेदारी खुद को  लेनी होगी , खुद को सही साबित करना छोड़ना होगा , बुद्धि संगत बहाने बनाना छोड़ना होगा, दूसरों की राय से ऊपर उठना होगा और यह एहसास करना होगा कि हम ही हमारी जिंदगी के रचयिता हैं।

आज हमारी जो भी तनख्वाह है , समाज में  जैसा भी मान सम्मान है और जो भी जिंदगी में मिल रहा है - वह सब कुछ हमारी खुद की वजह से ही है। जितना हमने पाने की कोशिश की है उतना ही हमें मिल पाया है। अगर हम इससे ज्यादा पाना चाहते हैं तो हमें हमारे जीवन की जिम्मेदारी खुद को लेनी होगी।

3. भविष्य निर्माण :

अगर हमारी कोई सीमा ना हो, समय की कमी ना हो ,संसाधनों की कमी ना हो- तो हमारा आदर्श जीवन भविष्य में आर्थिक, पारिवारिक, शारीरिक और सामाजिक रुप से कैसा होगा, उस भविष्य की कल्पना करके  जिस काम की जरूरत आज है  उस काम को करने में जुट जाना चाहिए।

4. जीवन मूल्य :

 हमारे आंतरिक मन में जो चल रहा होता है वही हमारे  वास्तविक जीवन की घटनाएं बन जाती है। हमें हमारे वास्तविक जीवन में जो चाहिए,  हमारे आंतरिक विचार और भावनाएं भी उसी तरह की होनी चाहिए। पहले हमें पहचानना होगा कि हमारे जीवन मूल्य बिजनेस है या नौकरी है। उसी के जैसे हमारे आंतरिक विचारों को दृढ़ता देनी होगी जिससे हम हमारे जीवन मूल्यों को कम समय में प्राप्त कर पाएंगे।


5. सच्चे लक्ष्य :

 सच्चे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए हम इन 5 प्रश्नों के उत्तर लिख सकते हैं -

   -  हमारे जीवन में अभी 3 सबसे बड़ी समस्या है कौन सी है ?

   -  अगर हमें 1 करोड़ रुपए मिल जाए तो हम हमारे जीवन में कौन से तीन बड़े  बदलाव करेंगे ?

  - वे 3 कार्य कौन से हैं जिनको करके हमें सबसे ज्यादा आनंद की अनुभूति होती है ?

   -  अगर हमारे हाथ में जादू की छड़ी हो तो हम हमारे जीवन में क्या प्राप्त करना चाहेंगे ?

   -  अगर हमें पता चल जाए कि हमारे जीवन के केवल 6 महीने बचे हैं तो हम कौन से तीन महत्वपूर्ण कार्य करना पसंद करेंगे ?

इन सभी प्रश्नों के उत्तर लिख कर हम उन्हें अपने लक्ष्यों के रूप में लेकर उनके लिए  सच्ची मेहनत करना शुरू कर सकते हैं।

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6.  निश्चित उद्देश्य :

 जहां जहां हमारा ध्यान जाता है वहां वहां हमारी जिंदगी जाती है इसलिए हमें एक निश्चित उद्देश्य बनाना होगा और हमारे ध्यान का स्तर बढ़ाना होगा।

 अगर हम एक निश्चित उद्देश्य बना लेंगे तो हमारे परिवेश में वैसी ही घटनाएं घटित होने  लगेंगी और हमारे लक्ष्य की तरफ बढ़ने में हमारी मदद करने लग  जाएंगी।

7. विश्वास :

 हमारा विश्वास हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए। जिससे हम हर तरह की घटनाओं से सकारात्मक तरीके  से सीख  कर हमारे लक्ष्य की तरफ तेजी के साथ बढ़ सकेंगे।

8. शुरुआत :

 हमें हमारी वर्तमान परिस्थितियां और आंकड़े पता होने के साथ-साथ, हमें भविष्य में कहां जाना है , यह भी पता होना बहुत जरूरी है। ऐसा करके हम हमारी अच्छी और सच्ची जिंदगी की एक बेहतरीन शुरुआत कर सकते हैं।

9. प्रगति नापे :

 हम हमारे लक्ष्य की तरफ चलते हुए कहां तक पहुंच चुके हैं , इस तरीके के स्कोर बोर्ड समय-समय पर हमें बनाते रहना जरूरी है। इससे हमें पता रहेगा कि हमारी मंजिल तक पहुंचने में कितना समय लगेगा और क्या बदलाव करना होगा।

10. बाधाओं को हटाए :

 हमें ऐसी बातों को लिखना जरूरी है जो हमारी मंजिल तक पहुंचने में रोड़ा बन रही है। इन समस्याओं को लक्ष्य बनाकर हटाने में जुटे रहना है जब तक कि उस समस्या से छुटकारा ना पा लिया जाए।

11. विशेषज्ञ बने :

 हमें हमारे क्षेत्र में सफल हो चुके 10 लोगों के बारे में जानकारी हासिल करनी होगी और वह लोग जो करते हैं वही करना होगा। हमें उसी तरह से मेहनत करनी होगी जिससे हम  भी उस क्षेत्र के विशेषज्ञ बन  जाएंगे।

हमें हमारा जीवन सीखने में समर्पित करना होगा जिससे हम हमारे कमजोर क्षेत्रों को मजबूत बनाकर हमारे क्षेत्र में शिखर तक पहुंच जाएंगे।

12. सही लोगों से जुड़िए :

 यदि हमें किसी भी क्षेत्र में सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है  लोगों के साथ सही और मजबूत संबंध। हमारा नेटवर्क जितना बड़ा और मजबूत होगा हमारा बिज़नेस उतना ही बड़ा बनता चला जाएगा।

13. कार्य योजना :

 हमें हमारे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जो काम करने हैं उन्हें लिखना जरूरी है। इसके लिए हमें कौन-कौन से काम करने होंगे, उन्हें प्राथमिकता से लिखना जरूरी है। हमारे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए  जितने समय और  पैसे की जरूरत है  उसे भी लिखना जरूरी है। जिससे हम हमारे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमारी प्लानिंग को चेक कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बदल भी सकते हैं।

पुस्तको कि सारणी 

14. समय प्रबंधन :

 हमारे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जिन कार्यों को करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए। अगले दिन की कार्य योजना हमें रात को ही बनानी होगी। जिससे हमारा समय भी बचेगा और अवचेतन मन उस काम में लगा रहेगा और संसाधन जुटाता रहेगा।

15. लक्ष्य की मानसिक तस्वीर देखना :

 हमारा जो भी लक्ष्य है उसकी मानसिक तस्वीर हमें बार-बार बनाते रहना चाहिए जिससे  हमारा अवचेतन और अति चेतन मिलकर हमारे लक्ष्य को स्पष्ट कर देते हैं। हम दिन में जितनी बार हमारे लक्ष्य को सोचेंगे उतने ही जल्दी हम हमारे लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे।

16. लचीले रहिए :

 अगर हमारे लक्ष्य तक पहुंचने में परिस्थितियां हमारा साथ नहीं देती है तो हमें लचीला बनकर दूसरा रास्ता तैयार करना चाहिए। लचीलापन का अर्थ है हमें हमारे लक्ष्य तक पहुंचने में नई जानकारियां और तरीके सोचना चाहिए तथा अगर जरूरत पड़े तो हम हमारे लक्ष्य को परिवर्तित करके बड़े लक्ष्य भी बना सकते हैं।


17. रचनात्मक बनिए :

 हमें हमारे लक्ष्य  को दिन, महीना और वर्ष के अनुसार लिख लेना चाहिए। हमें लिख लेना  चाहिए कि हम हमारी इनकम को कौन से समय तक दुगुनी कर लेंगे और ऐसा करने पर हमारा मस्तिष्क हमें बहुत सारे नए नए तरीके ब्रह्मांड से लाकर परोस देगा।

18. हर दिन कुछ करें :

 हम रोज जितना काम करते हैं हमें उससे ज्यादा करने की आदत डालनी होगी। हमें ज्यादा सीखने की , ज्यादा जिम्मेदारी उठाने की आदत डालनी होगी।

19. सफल होने तक जुटे रहिए :

 जब तक हम हमारे लक्ष्य तक ना पहुंच जाएं तब तक हमें डटे रहना है, काम करते रहना है , अपनी बाधाओं को पहचान कर दूर करते रहना है और तब तक नहीं रुकना है जब तक हम हमारे ड्रीम को हासिल ना कर ले। इस तरह से हम बहुत बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।

 इस बुक की शिक्षाओं को अगर हम हमारे जीवन में उतार लेते हैं तो हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है।

 धन्यवाद !

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लक्ष्य (Lakshya)- Hindi & English

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